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पन्नों की धारा

किताब के बारे में एक कविता:

अक्षरों की सांझ पर खोजता हूँ,
पन्नों के बीच खोया हुआ हूँ।

किताबों की जद्दोजहद से भरी,
मन की गहराईयों में पिघली तारीफ़।

हर शब्द में छुपा है अनगिनत कहानियाँ,
जीवन के रहस्यों की भरी मिसालें।

किताबों के समंदर में डूबा हूँ,
ज्ञान के सागर में लहराता हूँ।

पल-पल उन्हीं की दुनिया में खो जाता हूँ,
किताबों के संसार में विचरण करता हूँ।

जीवन की मधुर सी लहरों को छूता हूँ,
किताबों के समय में बहता हूँ।

किताब, तेरे पन्नों पर लिखा हर एक शब्द,
मेरे मन की धड़कन, मेरे विचारों का अभिव्यक्त।

तू है मेरी साथी, मेरी सहेली,
किताब, तू है मेरी सच्ची कहानी।

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