संरक्षक

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संरक्षक

प्रो0 सूर्य प्रसाद दीक्षित

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वर्तमान सदी सूचना एवं जनसंचार प्रौद्योगिकी के नाम है। इस प्रौद्योगिकी के विकास, उपयोग एवं संचार में विद्यालयों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यालय इनका उपयोग कर, इसके विकास को गति प्रदान करते हैं। भूमण्डीय एवं उदारीकरण की वर्तमान पीढ़ी में प्रत्येक व्यक्ति त्वरित जानकारी हेतु सूचना एवं जन संचार के साधनों का प्रयोग कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करके शिखर पर पहुँचना चाहता है। संचार की प्रक्रिया व्यक्ति के आत्मिक एवं सांस्कृतिक विकास में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रगतिशील सामाजिक विकास में वा नैतिक आदर्शो के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही मेरे और आपके विचारों वा अपेक्षाओं की जानकारी का माध्यम है वा यही हमारे उद्देश्यों, लक्ष्यों को आप तक ले जाने का भी माध्यम है।

संरक्षक

श्री राजकिशोर भारती

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वर्तमान सदी सूचना एवं जनसंचार प्रौद्योगिकी के नाम है। इस प्रौद्योगिकी के विकास, उपयोग एवं संचार में विद्यालयों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यालय इनका उपयोग कर, इसके विकास को गति प्रदान करते हैं। भूमण्डीय एवं उदारीकरण की वर्तमान पीढ़ी में प्रत्येक व्यक्ति त्वरित जानकारी हेतु सूचना एवं जन संचार के साधनों का प्रयोग कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करके शिखर पर पहुँचना चाहता है। संचार की प्रक्रिया व्यक्ति के आत्मिक एवं सांस्कृतिक विकास में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रगतिशील सामाजिक विकास में वा नैतिक आदर्शो के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही मेरे और आपके विचारों वा अपेक्षाओं की जानकारी का माध्यम है वा यही हमारे उद्देश्यों, लक्ष्यों को आप तक ले जाने का भी माध्यम है।

संरक्षिका

सुश्री बी0एस0 शांताबाई

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वर्तमान सदी सूचना एवं जनसंचार प्रौद्योगिकी के नाम है। इस प्रौद्योगिकी के विकास, उपयोग एवं संचार में विद्यालयों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यालय इनका उपयोग कर, इसके विकास को गति प्रदान करते हैं। भूमण्डीय एवं उदारीकरण की वर्तमान पीढ़ी में प्रत्येक व्यक्ति त्वरित जानकारी हेतु सूचना एवं जन संचार के साधनों का प्रयोग कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करके शिखर पर पहुँचना चाहता है। संचार की प्रक्रिया व्यक्ति के आत्मिक एवं सांस्कृतिक विकास में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रगतिशील सामाजिक विकास में वा नैतिक आदर्शो के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही मेरे और आपके विचारों वा अपेक्षाओं की जानकारी का माध्यम है वा यही हमारे उद्देश्यों, लक्ष्यों को आप तक ले जाने का भी माध्यम है।

संरक्षिका

स्व0 राजरानी देवी

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वर्तमान सदी सूचना एवं जनसंचार प्रौद्योगिकी के नाम है। इस प्रौद्योगिकी के विकास, उपयोग एवं संचार में विद्यालयों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि विद्यालय इनका उपयोग कर, इसके विकास को गति प्रदान करते हैं। भूमण्डीय एवं उदारीकरण की वर्तमान पीढ़ी में प्रत्येक व्यक्ति त्वरित जानकारी हेतु सूचना एवं जन संचार के साधनों का प्रयोग कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करके शिखर पर पहुँचना चाहता है। संचार की प्रक्रिया व्यक्ति के आत्मिक एवं सांस्कृतिक विकास में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रगतिशील सामाजिक विकास में वा नैतिक आदर्शो के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही मेरे और आपके विचारों वा अपेक्षाओं की जानकारी का माध्यम है वा यही हमारे उद्देश्यों, लक्ष्यों को आप तक ले जाने का भी माध्यम है।

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