चहके पंछी दिनकर कहता -‘मनलाभ’ के छंद
विषय – प्रभाती आधार छंद — सार छंद चहके पंछी दिनकर कहता, कितनी सुंदर माया। रंग-बिरंगे चित्र उभरते, देखो नभ […]
विषय – प्रभाती आधार छंद — सार छंद चहके पंछी दिनकर कहता, कितनी सुंदर माया। रंग-बिरंगे चित्र उभरते, देखो नभ […]